रचना क्र. 10
।। श्री शिवपंचाक्षरस्तोत्रम् ।।
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य · null
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नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मांगरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय
तस्मै 'न'काराय नमः शिवाय।।१।।
मंदाकिनी सलिलचन्दनचर्चिताय
नन्दीश्वरप्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्पबहुपुष्प सुपूजिताय
तस्मै 'म'काराय नमः शिवाय।।२।।
शिवाय गौरीवदनाब्जवृंद
सूर्याय दक्षाश्वरनाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय
तस्मै 'शि'काराय नमः शिवाय।।३।।
वासिष्ठकुंभोद्भव गौतमार्य
मुनीन्द्रदेवार्चित शेखराय।
चन्द्रार्कवैश्वानर लोचनाय
तस्मै 'व'काराय नमः शिवाय।।४।।
यक्षस्वरूपाय जटाधराय
पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय
तस्मै 'य'काराय नमः शिवाय।।५।।
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठोच्छिवसन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति, शिवेनसह मोदते।।
इति श्रीशंकराचार्य विरचितं
पंचाक्षरस्तोत्रं संपूर्णम् ।।
।। श्री शिवार्पणमस्तु ।।
